Matlabi Log Shayari में आपका दिल से स्वागत है। यहाँ हमने आपके लिए मतलबी लोगों की सच्चाई, दिखावे, धोखे और कड़वे अनुभवों को बयां करने वाली सबसे दमदार और सच्ची मतलबी लोग शायरी हिंदी भाषा में तैयार की हैं, जिन्हें आप अपनी मर्जी से WhatsApp, Instagram, Facebook जैसे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आसानी से शेयर कर सकते हैं। साथ ही, हमने खास तौर पर कुछ रियल और सोच में डाल देने वाली इमेजेज भी डिज़ाइन की हैं, जिन पर लिखी शायरी पढ़कर आपको ज़िंदगी के असली चेहरे का एहसास होगा।
यहाँ आपको 100 से भी ज्यादा Matlabi Log Shayari मिलेंगी, जिन्हें आप बिना किसी परेशानी के कॉपी कर सकते हैं। जब भी अपनों में पराएपन का एहसास हो, मतलब निकलते ही रिश्ते बदल जाएँ या भरोसा टूट जाए तो Matlabi Log Shayari in Hindi आपके दिल की बात कहने और खुद को मज़बूत बनाने का सबसे बेहतरीन सहारा बन सकती है। तो देर किस बात की? चलिए, नीचे दिए गए मतलबी लोगों की हकीकत से भरे शानदार कलेक्शन पर एक नज़र डालते हैं।
Matlabi Log Shayari

मतलब निकलते ही,
लोग पहचानना बंद कर देते हैं।
चेहरे सब अपने से थे,
पर ज़रूरत तक ही।
मतलबी लोग रिश्ते नहीं निभाते,
बस इस्तेमाल करना जानते हैं।

काम पड़ा तो अपने,
वरना सब अजनबी।
ज़रूरत खत्म होते ही,
मोहब्बत भी खत्म हो जाती है।
मतलबी लोगों की पहचान यही है,
वक्त बदलते ही रंग बदल लेते हैं।

फायदा देखा,
रिश्ता जोड़ लिया।
जहां मतलब खत्म,
वहां रिश्ता खत्म।
अपने वही होते हैं,
जो बिना मतलब भी साथ दें।
मतलबी लोग मुस्कान बेचते हैं,
और पीठ पीछे सौदा करते हैं।
Matlabi log shayari 2 Line

काम निकलते ही,
सलाम तक भूल जाते हैं।
मतलब से शुरू हुआ रिश्ता,
मतलब पर ही खत्म हुआ।
चेहरे मीठे थे,
दिल बहुत कड़वे।

मतलबी लोग पास तब तक,
जब तक फायदा हो।
ज़रूरत ने पहचान करा दी,
कौन अपना है, कौन नहीं।
मतलब पूरा हुआ,
और रिश्ते टूट गए।

भीड़ में साथ थे सब,
अकेलेपन में कोई नहीं।
मतलबी लोग याद तब करते हैं,
जब ज़रूरत होती है।
अपनेपन का दिखावा,
बस स्वार्थ तक सीमित।
मतलब की दोस्ती,
सबसे खतरनाक होती है।
Matlabi Duniya Shayari

काम से काम रखते हैं,
दिल से नहीं।
रिश्ते नहीं निभाए,
सिर्फ फायदे गिने।
मतलबी लोग सामने मीठे,
पीछे जहरीले।

जब काम था तब हम थे,
अब हम कोई नहीं।
मतलब की दुनिया में,
सच्चे लोग कम मिलते हैं।
मतलब के रिश्ते थे,
इसलिए टूटने में देर नहीं लगी,
सच जल्दी सामने आ गया।

जब तक ज़रूरत थी,
तब तक अपनापन था,
फिर अजनबी बना दिया।
मतलबी लोग साथ नहीं चलते,
बस रास्ता इस्तेमाल करते हैं,
मंज़िल तक।
हमने दिल से निभाया,
उन्होंने मतलब से तोला,
फर्क यहीं था।
मतलब की दुनिया में,
सच्चाई भारी पड़ती है,
इसलिए अकेली रह जाती है।
Matlabi log shayari attitude

चेहरे पर हँसी थी,
दिल में स्वार्थ भरा था,
देर से समझ आया।
जब फायदा दिखा,
रिश्ते भी सस्ते लगने लगे,
यही हकीकत है।
मतलबी लोग वक्त पर पहचान में आते हैं,
जब ज़रूरत खत्म हो जाती है,
और अकेलापन शुरू।

रिश्ते कमज़ोर नहीं थे,
लोग मतलबी थे,
इसलिए टूट गए।
काम निकलते ही,
हाल-चाल भी पूछना छोड़ दिया,
यही सच्चाई है।
मतलब की दोस्ती में,
भरोसा सबसे पहले टूटता है,
फिर रिश्ता।

जब तक देने की ताकत थी,
तब तक लोग पास थे,
वरना सब दूर।
मतलबी लोग एहसान भूल जाते हैं,
और गलती याद रखते हैं,
यही उनका हुनर है।
हमने समझा अपना है,
पर वो तो बस,
ज़रूरत का रिश्ता था।
मतलब खत्म होते ही,
आवाज़ भी बदल जाती है,
व्यवहार भी।
Matlabi logo ke liye Shayari
मतलबी लोग सच नहीं सुनते,
उन्हें बस फायदा चाहिए,
हर हाल में।
रिश्ते निभाने का दावा था,
पर मतलब से आगे,
कोई सोच नहीं थी।
जब मुश्किल आई,
तब मतलबी लोग,
सबसे पहले गायब हुए।
मतलब की दुनिया में,
सच्चे लोग अक्सर,
अकेले रह जाते हैं।
हमने निभाया बिना शर्त,
उन्होंने निभाया बिना दिल,
यही फर्क था।
मतलबी लोग भरोसे का,
सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल करते हैं,
इसलिए दर्द देते हैं।
जब तक फायदा मिला,
तब तक इज्ज़त थी,
बाद में खामोशी।
मतलब ने रिश्तों को,
सौदे में बदल दिया,
यही ज़माने की पहचान है।
हमने दिल लगाया,
उन्होंने हिसाब लगाया,
और चले गए।
मतलबी लोगों से दूरी ही बेहतर है,
क्योंकि साथ रहकर भी,
अकेलापन ही मिलता है।
मतलब की दोस्ती थी,
इसलिए टूटने पर,
ज्यादा दर्द हुआ।
लोग बुरे नहीं थे,
बस ज़रूरत के दोस्त थे,
यही सच है।
मतलबी लोग सिखा जाते हैं,
भरोसा कम और,
समझदारी ज़्यादा रखो।
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