Kharab Kismat Shayari में आपका दिल से स्वागत है। यहाँ हमने आपके लिए बदनसीबी, अधूरी चाहत, टूटी उम्मीदों और किस्मत से मिली ठोकरों को बयां करने वाली सबसे दर्दभरी और इमोशनल खराब किस्मत शायरी हिंदी भाषा में तैयार की हैं, जिन्हें आप अपनी मर्जी से WhatsApp, Instagram, Facebook जैसे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आसानी से शेयर कर सकते हैं। साथ ही, हमने खास तौर पर कुछ इमोशनल और गहरे एहसासों से भरी इमेजेज भी डिज़ाइन की हैं, जिन पर लिखी शायरी पढ़कर आपको अपनी ज़िंदगी के सच से जुड़ाव महसूस होगा।
यहाँ आपको 80 से भी ज्यादा Kharab Kismat Shayari मिलेंगी, जिन्हें आप बिना किसी परेशानी के कॉपी कर सकते हैं। जब भी ज़िंदगी में किस्मत साथ न दे, मेहनत के बाद भी हाथ खाली रह जाए या हालात हर बार उलटे पड़ें तो Kharab Kismat Shayari in Hindi आपके जज़्बातों को बयां करने और दिल का बोझ हल्का करने का बेहतरीन सहारा बन सकती है। तो देर किस बात की? चलिए, नीचे दिए गए किस्मत और दर्द से भरे शानदार शायरी कलेक्शन पर एक नज़र डालते हैं।
Kharab Kismat Shayari

किस्मत ने वही छीना,
जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।
मेहनत मेरी कम नहीं थी,
बस किस्मत को मंज़ूर नहीं था।
हर बार दिल से कोशिश की,
और हर बार किस्मत ने धोखा दिया।

हम अच्छे थे इसलिए हारे,
किस्मत चालाकों के साथ थी।
सब कुछ होते हुए भी,
कुछ भी अपना नहीं लगा।
हालात से हारा नहीं हूँ,
बस किस्मत से थक गया हूँ।

हाथों की लकीरें भी,
अब सवाल करने लगी हैं।
जितना संभलकर चला,
उतना ही फिसलता गया।
मेरी मेहनत का हिसाब,
किस्मत के पास अधूरा है।
किस्मत से शिकायत नहीं,
बस उससे उम्मीद थी।
खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

हर सपना अधूरा ही रहा,
शायद किस्मत को मंज़ूर नहीं था।
हम सही थे फिर भी,
हर बार गलत ठहराए गए।
किस्मत ने आज फिर,
बिना पूछे फैसला कर लिया।

कुछ तो कमी रही होगी,
वरना यूँ हर बार हार नहीं होती।
दर्द भी उन्हीं को मिला,
जो सच में मजबूत थे।
चाहा बहुत कुछ था,
मिला बहुत कम।

मेरे हिस्से में सिर्फ,
कोशिशें ही आईं।
किस्मत ने साथ नहीं दिया,
वरना इरादे मजबूत थे।
हर मोड़ पर हार मिली,
फिर भी चलना पड़ा।
ख्वाब बड़े थे,
और किस्मत छोटी।
Kismat par Shayari

टूटे हम नहीं,
बस भरोसा बिखर गया।
मेरी चुप्पी का भी,
कसूर किस्मत पर गया।
हर बार खुद को समझाया,
अगली बार सब ठीक होगा।

किस्मत ने वो भी छीन लिया,
जो कभी मेरा था ही नहीं।
मेहनत रोज़ करता हूँ,
नतीजे किस्मत दे जाती है।
हर बार शुरुआत अच्छी होती है,
और अंत वही पुराना,
शायद किस्मत को यही पसंद है।

मैंने हर मौका संभालकर रखा,
पर किस्मत ने हर बार,
हाथ खाली ही छोड़ा।
लोग कहते हैं सब ठीक होगा,
पर मेरी किस्मत,
हर बार देर कर देती है।
चाहकर भी मुस्कुरा नहीं पाया,
क्योंकि किस्मत ने,
खुशी उधार पर रखी थी।
मैं हार से नहीं डरता था,
पर बार-बार की हार ने,
हिम्मत तोड़ दी।
तकदीर किस्मत शायरी

हर बार उम्मीद जगती है,
और हर बार किस्मत,
उसे तोड़ देती है।
जो सपना दिल के करीब था,
वही किस्मत ने,
सबसे पहले तोड़ दिया।
किस्मत को भी शायद,
मेरी खुशियाँ रास नहीं आईं,
तभी तो हर बार छिन गईं।

सब कुछ सही चल रहा था,
बस किस्मत ने,
रास्ता बदल दिया।
मेरी मेहनत का फल,
किसी और की झोली में गया,
यही मेरी बदकिस्मती है।
हर हार ने एक बात सिखाई,
भरोसा खुद पर रखो,
किस्मत पर नहीं।

मैंने वक्त को दोष नहीं दिया,
बस किस्मत से सवाल किया,
मेरी बारी कब आएगी?
किस्मत ने कभी साथ दिया नहीं,
फिर भी उससे उम्मीद रखना,
मेरी सबसे बड़ी गलती थी।
दर्द सहने की आदत पड़ गई,
क्योंकि किस्मत,
बार-बार आज़माती रही।
मैंने कभी गलत नहीं चाहा,
फिर भी किस्मत ने,
गलत ही दिया।
Kharab kismat shayari on life
हर कोशिश के बाद भी,
खाली हाथ रह जाना,
यही बदकिस्मती है।
किस्मत और मैं,
कभी एक साथ नहीं चले,
शायद यही सच्चाई है।
मुस्कुराना भी सीख लिया,
ताकि किस्मत को,
मेरी कमजोरी न दिखे।
सब कुछ खोकर भी,
खड़े रहना पड़ा,
क्योंकि हार मानना मंज़ूर नहीं।
किस्मत ने हर बार,
मेरी उम्मीदों से पहले,
जवाब दे दिया।
मैंने जो चाहा दिल से,
वो किस्मत ने,
किसी और को दे दिया।
हर बार खुद को समझाया,
अगली बार मेरी होगी,
पर किस्मत सुनती कहाँ है।
मेरी कहानी में,
मेहनत बहुत है,
पर अंत हमेशा अधूरा।
किस्मत ने मुझे नहीं बदला,
बस मुझे,
मजबूत बना दिया।
हर बार गिरकर उठे,
क्योंकि हार से ज्यादा,
किस्मत को गलत साबित करना था।
मैंने किस्मत को नहीं कोसा,
बस खुद को समझाया,
कि सब्र रख।
शायद मेरी बारी,
आख़िर में रखी गई है,
तभी तो इंतज़ार लंबा है।
किस्मत ने सब कुछ दिया,
बस सुकून देना,
भूल गई।
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